5+ जीवन के आश्चर्यजनक तथ्य | Omg Facts in Hindi About Human And Science

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5+ जीवन के आश्चर्यजनक तथ्य | Omg Facts in Hindi About Human And Science
Omg Facts in Hindi About Human And Science

5+ जीवन के आश्चर्यजनक तथ्य | Omg Facts in Hindi About Human And Science

रेडियो से विभिन्न स्टेशनों की आवाजें आती हैं, ऐसा क्यों ?

रेडियों की धुंडी घुमाते ही हमें विभिन्न स्टेशनों के कार्यक्रम सुनाई देने लगते हैं। इसका कारण यह है कि विभिन्न रेडियो स्टेशन विभिन्न आवृत्तियों की तरंगे प्रसारित करते हैं। रेडियों में भी एक विद्युत परिपथ होता है जिसमें विद्युत कम्पन होते हैं। रेडियों की धुंडी घुमाते ही रेडियों सेट के अन्दर लगे विद्युत यंत्र की धारिता बदलती है जिससे विद्युत परिपथ की आवृत्ति बदल जाती है। जब यह आवृत्ति किसी स्टेशन द्वारा प्रसारित तरंगों की आवृत्ति के बराबर होती है तो विद्युत परिपथ इन तरंगों को ग्रहण कर लेता है तथा रेडियो स्टेशन के कार्यक्रम सुनाई देने लगते हैं। इस तरह हम रेडियो की घुडी घुमाकर विभिन्न स्टेशनों के प्रोग्राम सुनते हैं।

किसी लटू को घुमाकर छोड़ देने पर वह कुछ देर तेजी से घूमता रहता है पर थोड़ी देर बाद उसकी रफ्तार कम होने लगती है और वह रुक जाता है ?

ऐसा जड़त्व के कारण होता है। जड़त्व वह घटना है जिसके कारण कोई भी स्थिर वस्तु स्थिर ही रहना चाहती है और गतिशील वस्तु गतिशील ही। पृथ्वी इसीलिए अपनी धुरी पर एक ही रफ्तार से घूमती रहती है पर पृथ्वी को अंतरिक्ष में हवा के प्रतिरोध का सामना करना पड़ता जबकि धरती पर घूमने या चलने वाली वस्तु को यह प्रतिरोध झेलना पड़ता है और क्रमश : उसकी रफ्तार कम होती जाती है।

मक्खी छत पर उल्टी कैसे चल लेती है ?

इसका कारण मक्खी के पैरों की अजीब बनावट है। मक्खी का शरीर तीन भागों में विभाजित है सर, धड़ और उदर। बीच के हिस्से में छः पैर होते हैं , हर पैर के पांच हिस्से होते हैं। चलने के लिए मक्खी अपने पिछले पैरों का उपयोग करती है। वह इन पैरों पर पंजों के बल चलती है। इन पंजों के नीचे गड्डों से एक खास किस्म का चिपकने वाला तरल पदार्थ निकलता है । इसी पदार्थ के सहारे मक्खी किसी भी सतह पर उल्टी या सीधी चल सकती है। चिपकने वाले पदार्थ के कारण वह सतह से अलग नहीं होती है।

लम्बी लकड़ी जल्दी टूटती क्यों है ?

किसी भी लकड़ी के टूटने के लिए आधूर्ण देखा जाता है जो जितना ज्यादा होगा लकड़ी जल्दी टूटेगी। आधूर्ण लगाए गए बल और अवलम्ब से उसकी दूरी पर निर्भर करता है। लम्बी लकड़ी में यह दूरी अधिक होती है। अतः कम बल लगाने पर ही इतना आधूर्ण पैदा हो जाता है, जो लकड़ी को तोड़ दे।

मुर्दा शरीर पानी में क्यों तैरता है ?

किसी वस्तु का पानी पर तैरना उसके घनत्व और उस वस्तु द्वारा हटाए गए पानी की मात्रा पर निर्भर करता है। आमतौर पर जिन वस्तुओं का घनत्व पानी से कम होता है वे पानी पर तैरती हैं और जिन वस्तुओं का घनत्व पानी से अधिक होता है, वे पानी में डूब जाती हैं, साथ – ही – साथ वही वस्तु पानी में तैरती है, जिसके द्वारा हटाए गए पानी का भार उस वस्तु के भार के बराबर होता है।

मनुष्य के शरीर का घनत्व पानी से कम होता है, इसीलिए जीवित मनुष्य पानी में गिर जाने पर कुछ क्षणों के लिए तैरता है। जब उसके शरीर में पानी भर जाता है तो उसका घनत्व बढ़ जाता है और वह पानी में डूब जाता है। जब आदमी मर जाता है तो उसका शरीर पानी में फूलने लगता है। इससे शरीर का आयतन बढ़ जाता है और शरीर का घनत्व कम हो जाता है। जब शरीर का घनत्व पानी से कम हो जाता है तो मुर्दा शरीर पानी पर तैरने लगता है।

डबल रोटी में छेद क्यों होते हैं ?

संसार के सभी देशों में डबलरोटी को एक प्रमुख खाद्य पदार्थ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अधिकतर डबलरोटी गेहूं के आटे या मैदे से बनाई जाती हैं। प्रमाणों के अनुसार डबलरोटी बनाने की शुरूआत ईसा से लगभग 6 हजार वर्ष पूर्व मिश्न में हुई थी। खमीर का आविष्कार भी वहीं हुआ था। मैदा की गर्मी और नमी के कारण इसमें मिलाया हुआ ईस्ट बड़ी तेजी से बढ़ता है। इसके बढ़ने में कुछ गैस पैदा होती है और इसके बुलबुलों के कारण गुंथा हुआ मैदा का आयतन भी बढ़ जाता है।

जब इसे गर्म भट्टियों में सेका जाता है तो गैस के बुलबुले फूटकर डबलरोटी में छोटे – छोटे छेद पैदा कर देते हैं। इसी खमीर के कारण डबलरोटी में गंध और स्वाद पैदा हो जाता है। यह छेद किसी भी डबलरोटी के टुकड़ों में देखे जा सकते हैं। केक में यह छेद बेकिंग सोडे की वजह से होते हैं।

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