Friday, June 18, 2021
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दिमाग हिला देने वाले प्रकृति और मानव से जुड़े आश्चर्यजनक रोचक तथ्य in Hindi

दिमाग हिला देने वाले प्रकृति और मानव से जुड़े आश्चर्यजनक रोचक तथ्य | Amazing facts About Nature And Human in Hindi

इन्द्रधनुष कैसे बनता है व इसका आकार धुनषाकर या अर्धवृत्ताकार ही क्यों होता है ?

जब बारिश के बाद सूर्य आकाश में चमकता है तो सूर्य के प्रकाश की किरणें वर्षा की बूंदों में से होकर गुजरती हैं और ये बूंदें छोटे प्रिज्य की भांति व्यवहार करती हैं जिससे किरणें अपने मार्ग से विचलित होकर सात रंगों में विभक्त हो जाती हैं। इससे एक सुन्दर रंगीन चापीय ( वृत्ताकार ) प्रतिरूप दिखाई देता है जिसे इन्द्रधनुष कहते हैं। इसकी वृत्ताकार आकृति एक ज्यामितीय सिद्धांत के कारण होती है। यदि भारी वर्षा हुई तो यह आकाश पर पृथ्वी के एक छोर से दूसरे छोर तक फैला हुआ दिखाई देता है। इस रोचक घटना के कारणों में भौतिक विज्ञान के दो नियम हैं परावर्तन व अपवर्तन।

सूर्य के प्रकाश की किरणें वर्षा की बूंदों से परावर्तित और अपवर्तित होकर इन्द्रधनुष का रंगी पैटर्न बनाती हैं। यद्यपि भारी वर्षा के दौरान पूर्ण वृत्तीय इन्द्रधनुष बनता है लेकिन पृथ्वी पर स्थित प्रेक्षक को क्षितिज के कारण केवल एक चाप ( वृत्त का एक भाग ) ही दिखाई देता है। जब सूर्य क्षितिज के पास होता है, तो एक ऊंची पहाड़ी पर या उड़ते गुब्बारे में स्थित प्रेक्षक पूर्ण वृत्तीय इन्द्रधनुष देख सकता है।

फोटो फिल्म प्रकाश में खराब हो जाती है, ऐसा क्यों ?

फोटो फिल्म को प्रकाश में लाने से वह खराब हो जाती है। इसका कारण है कि फोटो फिल्म पर सिल्वर ब्रोमाइड एवम् कुछ अन्य रसायनों का लेप चढ़ा होता है, जिसे सुग्राही फिल्म कहा जाता है। कैमरे द्वारा जब प्रकाश की किरणें, लैंस द्वारा सुग्राही फिल्म पर पड़ती हैं तब इस फिल्म के सिल्वर ब्रोमाइड में रासायनिक परिवर्तन होता है और वस्तु का चित्र फिल्म पर अंकित हो जाता है।

यह परिवर्तन सिल्वर ब्रोमाइड के अपचयन के कारण होता है। सिल्चर ब्रोमाइड प्रकाश के प्रति तीव्र सुग्राही होता है। इसीलिए फाटो फिल्प को प्रकाश में लाने से फिल्म का सिल्वर ब्रोमाइड अपचयित होकर खराब हो जाता है और चित्र खींचने के लायक नहीं रहता।

आग गर्म क्यों होती है ?

आग अनिवार्यतः एक रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें ईधन के यौगिक ऑक्सीजन या अन्य ऑक्सीकारकों के साथ अभिक्रिया करके ऑक्सीकृत होते हैं। ऑक्सीजन एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है जिसमें ईधन के यौगिक के विघटित होने पर प्रचुर मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है जो पुनः संयोग अभिक्रिया में बिना उपयोग हुए रहती है। मुक्त ऊर्जा की यही प्रचुर मात्रा प्रकाश ऊष्मा के रूप में विकरित होती है। इसी ऊष्मा के कारण आग गर्म होती है।

पैट्रोल की आग पानी से नहीं बुझती, ऐसा क्यों ?

पैट्रोल की आग पानी से नहीं बुझती है। दरअसल पैट्रोल आग को पकड़ लेता है। इस आग पर डाला गया पानी पैट्रोल को ढंक नहीं पाता और पेट्रोल फिर भी जलता रहता है। इसके विपरीत आग मौजूद रहने के कारण पानी शीघ भाप बनकर उड़ जाता है। इसलिए पैट्रोल की आग पानी से नहीं बुझती।

खराब अंडा पानी पर तैरता है, क्यों ?

खराब अंडा पानी पर तैरता है इसका कारण है कि खराब होने पर अण्डे के घनत्व में कमी आ जाती है जिससे वह तेरने लगता है।

गोताखोर समुद्र में सांस लेने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन की बजाए गैसों का मिश्रण प्रयोग में लाते हैं, क्यों ?

इसका मुख्य कारण है कि अधिक समय तक सांस लेने के लिए शुद्ध ऑक्सीजन का प्रयोग फेफड़ों के लिए हानिकारक होता है इसलिए ऑक्सीजन में अक्रिय गैस हीलियम मिला दी जाती है।

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